Kailash Mansarovar Yatra Package 2026 | Kailash DMC

Kailash Manasarovar Yatra By Road Via Kathmandu map
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कैलाश मानसरोवर की यात्रा इतनी खूबसूरत है हर किसी का जाने का मन करता है. अक्सर लोग मन में प्लान बनाते हैं लेकिन लगता है की कैसे जाएंगे, कहाँ रुकेंगे और इसका कितना खर्च आएगा। अगर आपके मन में भी ये प्रश्न हैं तो चिंता छोड़िए क्योंकि आज हम आपको कैलाश मानसरोवर की यात्रा से जुड़ी सारी चीजें बता रहे हैं और हम आपको इस यात्रा में लेकर भी जाएंगे वो भी काफी रीजनेबल प्राइस में. तो आइए जानते हैं की हम आपको बस के द्वारा कैसे करवाते हैं कैलाश मानसरोवर की यात्रा।
यह यात्रा 14 दिनों की होगी और हम आपको हर एक दिन का कार्यक्रम विस्तार से समझा रहे हैं. कैलाश मानसरोवर की यात्रा बस से करने के लिए आपको पहुंचना होगा काठमांडू एयरपोर्ट पर क्योंकि उसी जगह से बस के द्वारा यात्रा की जा सकती है.

पहला दिन – काठमांडू एयरपोर्ट आगमन
यात्रा के पहले दिन आप हमसे काठमांडू के त्रिभुवन एयरपोर्ट पर मिलें। आपकी सेवा में हाजिर रहने वाला हमारे कर्मचारी आपको एयरपोर्ट से होटल के लिए लेकर जाएंगे और यात्रा से जुड़ी हुई सारी बातें आपको वही पर समझे जाएंगी। आज रात का विश्राम काठमांडू में ही होगा।

दूसरा दिन – काठमांडू दर्शन
आज हम सुबह के नाश्ते के बाद सभी के साथ काठमांडू में पशुपतिनाथ और बुद्ध के दर्शन करेंगे। और घूमने फिरने के बाद आज का विश्राम और भोजन काठमांडू में ही होगा।

तीसरा दिन- काठमांडू से सयाब्रुबेसी
तीसरे दिन सुबह होटल से निकलकर हम काठमांडू से सयाब्रुबेसी के लिए चलेंगे यह नेपाल का एक छोटा है और प्रमुख शहर चीन के उस राजमार्ग से मिलता है जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मानसरोवर झील से होते हुए श्री कैलाश पर्वत ले जाता है. 165 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग हमको साढ़े छह घंटे का समय लगेगा। यह यात्रा रिजर्व टूरिस्ट कोच बस के द्वारा की जाएगी। यात्रा के तीसरे दिन हम सयाब्रुबेसी पहुंचेंगे जो चाइना बॉर्डर के पास है. आज रात का विश्राम और भोजन सयाब्रुबेसी में ही किया जाएगा।

चौथा दिन – सयाब्रुबेसी से केरुंग

यात्रा के चौथे दिन सुबह का नाश्ता करने के बाद हम सयाब्रुबेसी से केरुंग के लिए प्रस्थान करेंगे। सबसे पहले हम रसवागढ़ी पहुंचेंगे जो चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित है और यहाँ पहुँचने में हमें लगभग एक घंटे का समय लगेगा। यह सयाब्रुबेसी से 15 किलोमीटर की दूसरी पर स्थित है. रसवागढ़ी में हमारा गाइड सीमा शुल्क से जुड़े कुछ काम करेगा और उसके बाद हम चीन के शहर केरुंग के लिए प्रस्थान करेंगे। यहाँ से केरुंग लगभग 105 किलोमीटर की दूसरी पर स्थित है और यह यात्रा करने में हमें लगभग तीन घंटे का समय लगेगा। केरुंग पहुंचकर आज हम रात इसी जगह पर रुकेंगे और भोजन भी यही होगा।

पांचवा दिन – केरुंग से / सागा

यात्रा के पाचवे दिन हम केरुंग में सुबह का नाश्ता करेंगे और सागा के लिए निकल जाएंगे। डोंगबा की दूसरी केरुंग से 220 किलोमीटर है और यहाँ पहुँचने में हमें लगभग 6 से 7 घंटे के आसपास का समय लग सकता है. केरुंग से सागा के रास्ते में हमें थोरांग ला, पैंगोंग त्सो और ब्रह्मपुत्र नदी मिलेगी जिन्हे देखते हुए हम आगे बढ़ते रहेंगे। सागा पहुंचकर आज रात हम इसी जगह पर रुकेंगे।

छठवां दिन – डोंगबा से मानसरोवर
यात्रा के छठवें दिन हम सुबह का नाश्ता करके सागा से हम मानसरोवर के लिए निकलेंगे। रास्ते में हमें कैलाश पर्वत के दर्शन होने लगेंगे। सागा से मानसरोवर के बीच की दूसरी 450 किलोमीटर है जिसमें 7 घंटे लगेंगे। इसी यात्रा में हम 110 किलोमीटर के आसपास मानसरोवर की परिक्रमा करेंगे जिसमें लगभग 2 घंटे का समय लगेगा। अब आज रात हम यही मानसरोवर में विश्राम और भोजन करेंगे।

सांतवा दिन – मानसरोवर से दारचेन
यात्रा के सांतवें दिन सुबह आप मानसरोवर झील में स्नान करेंगे और अपनी श्रद्धा और नियम के अनुसार यहाँ पर पूजा पाठ और हवन आदि कर सकते हैं. इसके बाद हम कैलाश पर्वत की तलहटी में स्थित दारचेन शहर के लिए रवाना होंगे जो लगभग 35 किलोमीटर की दूसरी पर स्थित है और इस यात्रा को पूरा करने में हमें लगभग 1 घंटे के आसपास का समय लगेगा। आज रात्रि का विश्राम और भोजन दारचेन में ही होगा।

आठवां दिन – कैलाश परिक्रमा का पहल दिन
यात्रा के आठवें इन सुबह का नाश्ता दारचेन में करने के बाद हम यमद्वार के लिए निकलेंगे जो थोड़ी ही दूरी पर वहां पर मौजूद है. इसे मोक्ष द्वार भी कहा जाता है. अब यहाँ से लगभग 12 किलोमीटर की परिक्रमा शुरू की जाएगी जिसमें लगभग 5 से 6 घंटे के आसपास का समय लग सकता है. आज की हमारी ट्रैकिंग का मुख्य स्थान धीरपुख है। धीरपुख से कैलाश पर्वत उत्तर मुख के अत्यंत समीप दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है जो की अत्यंत सुखदायी एवं मोहक होता है. हमारे जो साथी परिक्रमा या ट्रेकिंग में शामिल नहीं होना चाहते वो दारचेन में बाकी ग्रुप का इंतजार करेंगे जब तक वो लोग परिक्रमा से नहीं लौट आते हैं. आज रात का विश्राम और भोजन धीरपुख में होगा।

नौवां दिन – कैलाश परिक्रमा का दूसरा दिन
आज यात्रा का नौवां और कैलाश परिक्रमा का दूसरा दिन है. आज सुबह उठकर आप धीरपुख में सूर्य के दर्शन जरूर करें। यहाँ का सूर्योदय बहुत ही अच्छा होता है. अब सुबह का नाश्ता धीरपुख में करने के बाद हम धीरपुख से डोलमा ला और जुथुपुलुक की परिक्रमा में निकलेंगे। लगभग 22 किलोमीटर की यह परिक्रमा काफी खतरनाक है. आज की परिक्रमा के दौरान डोलमा ला आता है जिसे पार करना एक मुश्किल टास्क है. आज की परिक्रमा के दौरान आपको गौरीकुंड और सिंधु नदी के दर्शन भी होंगे। गौरीकुंड वही जगह है जहाँ माता पार्वती ने शिव जी की पति के रूप में पाने के लिए तपस्या की थी.

दसवां दिन – परिक्रमा का तीसरा दिन- जुथुलपुख से दारचेन,
यात्रा के दसवें और परिक्रमा के तीसरे दिन हम लगभग 2 घंटे परिक्रमा करने के बाद दारचेन एक लिए रवाना होंगे। दारचेन पहुंचकर हम अपने यहाँ रुके हुए बाकी साथियों से मिलेंगे। आज का विश्राम सागा/डोंगपा में होगा।

11वां दिन – सागा/ से केरुंग
सुबह नाश्ते के बाद हम केरुंग के लिए रवाना हो जाएंगे और यहाँ पहुंचकर आज रात का विश्राम और भोजन इसी पर होगा।

12वां दिन – केरुंग से काठमांडू
‘कस्टम से जुड़ी सभी औपचारिकताएं करने के बाद हम काठमांडू के लिए रवाना होंगे और आज विश्राम काठमांडू में ही होगा।

14वां दिन – वापसी
आज सुबह के नाश्ते के बाद हम घरों के लिए रवाना होंगे।
आपकी यात्रा पूरी हुई. हर हर महादेव।

हमारे पैकेज में क्या क्या शामिल है

– काठमांडू एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद वहां से होटल तक ले जाने और वापिस आने पर एयरपोर्ट छोड़ने की सुविधा।
– काठमांडू में तीन रातों के लिए 4 स्टार होटल में रुकने और वेज फ़ूड की व्यवस्था के साथ काठमांडू दर्शन।
– टूरिस्ट बस के द्वारा केरुंग से जाना।
– तिब्बत वाले एरिया में रुकने के लिए होटल या गेस्ट हाउस जिसमें आपको 3 या 4 5 लोगों के साथ शेयर करना पड़ सकता है.
– तिब्बत वाले एरिया में शाकाहारी भोजन
-लक्जरी कोच बस
– नेपाली टीम लीडर और सपोर्टिंग टीम
– इंग्लिश बोलने वाला तिब्बत टूर गाइड
– चाइनीज ग्रुप वीजा
– नेपाली स्टाफ की परमिट फीस
– काठमांडू में डफ़ल बैग और जैकेट
– ऑक्सीजन सिलेंडर और फर्स्ट एड किट.
– केरुंग लैंड टैक्स

पैकेज में क्या शामिल नहीं

– घर से काठमांडू और काठमांडू से घर तक की यात्रा का खर्च।
– अधिक दिनों तक रुकने का खर्च
– परिक्रमा के दौरान घोड़े का खर्च आपको खुद देना होगा।
– निकासी लागत
– ट्रेवल इंसोरेंस और व्यक्तिगत खर्च
– अगर आप तिब्बत वाले एरिया से जल्द लौटते हैं तो वीजा स्प्लिट करने का खर्च, कोई एक्स्ट्रा ट्रांसपोर्ट का खर्च आपको खुद देना होगा।
– कोई अलग सुविधा जो हमारे द्वारा नहीं बताई गई है.

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